सब कुछ होते हुए भी हम अपने आप को हमेशा इस जहान में अकेला पाते है । ख़ुशी और गम दोनों में हम अकेले होते है । सब कुछ पा कर भी हम खुश नहीं होते, ज़िन्दगी इतनी तेजी से गुजर जाती है की कब हम जबान और कब बूढ़े हो जाते है हमें पता भी नहीं चल पता । इस भागदोड़ भरी ज़िन्दगी में हम इतने बिजी हो जाते है की हमें पता नहीं होता कब अपने छुट गये और कब अपने दोस्तों से हम बिछड़ गये ये पता भी नहीं चल पता है और हम अपने आप से भी आगे आ गये । ज़िन्दगी जितनी हशीन होती है उसे हम उतनी हसीन तरीके से नहीं जी सके । जब हम छोटे होते है ज़िन्दगी में ना तो कोई गम होता है और ना ही कोई तकलीफ हम बहुत मज़े में जीते है । लकिन जब हम अपने ज़िन्दगी के उस दहलीज पे कदम रखते है जहाँ से हम और हमारे अपने जिन्हें हमसे उम्मीद होती है, उनके और उनके सपनो के लीये और अपने सपनो के लिये और ज़िन्दगी के कुछ आशुलो को किनारे रख बस अकेले भीड़ में भागना शुरू कर देते है । ज़िन्दगी जीने का मज़ा ही भूल जाते है, और जब तक हम कुछ समझ पाये उस से पहले अपने जींवन में एक और मुश्किल ले आते है 'बीबी' 'वाइफ' उसके आने के साथ ही हम अपने खुशियाँ की बली दे अब उसके लिये जीने लगते है । अपने परिवार और उसके बातो में आ कर हम बच्चे भी ले आते है, अब उसके लिये सब कुछ करना । इस बिजी लाइफ में पता भी नहीं चल पता की हम कब क्या बन गये ? सब कुछ अपने कही खो जाते है। और कुछ सपने तो अधूरे ही रह जाते है । कोई ये भी नहीं जाने पाता की कौन थे हम ? हम खुद अपने आप को कभी जान ही नहीं पाते ।।। खुद को ये नहीं कह पाते की क्या खोया है हमने और क्या पाया है । कभी उम्मीद तो कभी अपने आप की अबाज से बाते कर लेते है और खुश हो लेते है । हमें तो अपने बुढ़ापे में ये सोच तकलीफ होता है की-' काश हम भी जिये होते अपने तरीके से ।
ढलते सूरज के साथ हमने
मौसमो को बदलते देखा है
बदलो में छुपे सूरज को हमने
फिर से निकलते देखा है
जिसकी हमने उमीद ना हो हमने
उसे भी लोगो से होते देखा है
धुंध की आड़ में हमने
फिजाओ को बदलते देखा है
रोशनी के लिये हमने
लोगो को जुगनू को ढूंढते देखा है
बदलते वक़्त के साथ हमने
खुद को बदलते देखा है
अपने दबे होसलो को हमने
फिर से उड़ान भरते देखा है
हमने देखा है ,,,,,।।।।।।
हर रोज सूरज के साथ हमने
एक नई सुबह को होते देखा है
सुबह उड़े परिंदे को हमने
शाम होते घर लौटते देखा है
झुक कर हमने पेड़ो को
आँधियो से लड़, जीतते देखा है
हमने देखा है ...... ।।।।।
रोशनी के लिये हमने
लोगो को जुगनू को ढूंढते देखा है ..।।।।