Friday, 15 May 2015

ये खुदा दो पल और दे


बीते पल को मनाना है, रूठे कल को मनाना है 
आने बाले पालो में , जो रूठे है उन्हें मनाना है 
ये खुदा मुझे दो पल और दे,, 
जो छुट गये है उन्हें फिर से मनाना है ....!!!!!
जो अपने थे उन्हें फिर से साथ करना है,,,,,,,,
जो ना कभी मुझे जान सके उन्हें फिर से बताना है 
ये खुदा मुझे दो पल और दे.......
जो छुट गये है उन्हें फिर से मनाना है .......!!!!!
कभी जहाँ छा थी आज फिर से धुप लाना है 
कभी जहाँ रात थी आज फिर से सुबह लाना है 
जो मेरे ना हो सके उन्हें किसी और का बनाना है 
ये खुदा मुझे दो पल और दे ......
जो छुट गये है उन्हें फिर से मनाना है...!!!!!!
मुझे अपनों को आज ख़ुशी देनी है 
अपने को आज मुझे हँसाना है 
बीते पल को आज फिर से मनाना है  
जो रूठे है आज फिर से उन्हें मनाना है 
ये खुदा मुझे दो पल और दे ....
जो छुट गये है फिर से उन्हें मनाना है ...!!!!




Thursday, 14 May 2015

FINAL DAYLIGHT

ये ज़िन्दगी















                                                आहिस्ता चल जिंदगी,अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है
कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फर्ज निभाना बाकी है
रफ़्तार में तेरे चलने से कुछ रूठ गए कुछ छूट गए
रूठों को मनाना बाकी है रोतों को हँसाना बाकी है
कुछ रिश्ते बनकर ,टूट गए कुछ जुड़ते -जुड़ते छूट गए
उन टूटे -छूटे रिश्तों के जख्मों को मिटाना बाकी है
कुछ हसरतें अभी अधूरी हैं कुछ काम भी और जरूरी हैं
जीवन की उलझ पहेली को पूरा सुलझाना बाकी है
जब साँसों को थम जाना है फिर क्या खोना ,क्या पाना है
पर मन के जिद्दी बच्चे को यह बात बताना बाकी है
आहिस्ता चल जिंदगी ,अभी कई कर्ज चुकाना बाकी है
कुछ दर्द मिटाना बाकी है कुछ फर्ज निभाना बाकी है

मेरे पास लोट आना है

                              kritan04@gmail.com
अपनी आदाओ पे ना कर तु इतनी घमंड
एक दिन इसे तो बिखर जाना है
कोई नहीं जब होगा पास तेरे तो
तुझे मेरे पास लोट आना है .....!!!!!!

जिस सुरत से है तुझे इतनी मोहब्बत
जिस पर तु करती है इतनी नाज़
जिस पर है तुझे इतना अभिमान
एक दिन तो इसे बिखर जाना है
कोई नहीं जब होगा पास तेरे तो
तुहे मेरे पास लोट आना है ....!!!!!

हमें मोहब्ब्बत तेरी सुरत से नहीं
हमें मोहब्बत तो तेरी बातो से है
हमें मोहब्बत तेरी आदाओ से नहीं
हमें मोहब्बत तो तेरी चाहत से है
लकिन जिस पे तु करती है घमंड
एक दिन इसे तो बिखर जाना है
कोई नहीं जब होगा पास तेरे तो
तुझे मेरे पास लोट आना है.....!!!!!!

आज तुझे मेरी चाहत की फिकर नहीं
कल मुझे तेरी चाहत की फिकर नहीं
कहती तु आज हँस कर ये की
मोहब्बत है तुझे किसी और से
कल जब ना होगा तेरे पास वो
तब तुझे मेरे पास लोट आना है
जिस पे तुझे है इतनी घमंड
एक दिन इसे तो बिखर जाना है
कोई नहीं होगा जब पास तेरे तो
तुझे मेरे पास लोट आना है .......!!!!!

Wednesday, 13 May 2015

PYAR

PYAR KOI CHEEZ NAHI , JISE
MEHNET SE HAASIL KIYA JA SAKE ……..!
PYAR KOI MUQADDER NAHI,
JISE TAQDEER PE CHHODA JA SAKE ….!
PYAR EK YAKEEN HAI ,BHAROSA HAI LEKIN….!
YEH ITNA BHI ASAN NAHI KI KISI SE BHI KIYA
JAA  SAKE………!
PYAAR KARNE ME TUMNE KOI KAMI NA KI…….2
ISHQ NIBHANE ME TUMNE KOI KAMI NA KI……
KAMI TO MUJHAME THI, JO HAR JAKHM DENA ME …

MAINE KOI KAMI NA KI……..!

Tuesday, 12 May 2015

तेरे इंतजार में

मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम
तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम
उनकी नजरे मिली मुझ से शरमाकर
और फिर वो लोट गई, मुझे वही छोर
राहे मेरी गुम हुई, चाहत मेरी बर्बाद
लोट आई वो मेरी गलियों में मुझे कहने,
दुर रहो मुझसे मेरा कोई और है सजन
मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम
तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम
उन्हें देखना, उनके लिये पागल होना
उनके राहे तकना कम है क्या ..?
प्यार में मिशाल बनाना कम है क्या ..?
चाहत मेरी अधूरी रही उनके इंतजार में
कोई और ले गया उन्हें मेरे बहार से
मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम
तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम
प्यार उनसे की,और चाहत भी
आखें उनसे मिली और दिल भी
तोड़ मेरी सारे कसमों को दूर गई वो
छोर मुझे किसी और की हो गई वो
आज भी है मोहब्बत उनसे हमें
हम बेठे है उनकी इंतजार में घरिया गिन रहे
मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम

तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम

मेरी मोत के वो दिन

नीद से आज जब मेरी आखे खुली
उनके यादो के साये में खुली
बाते जब होती है दिल बहुत हँसता है
क्यूकी उनकी नज़रे कही और होती है
हमें मोहब्बत है उनसे उनेहे है मालूम
लकिन उनकी मोहब्बत कही और है
हमें ना तो उनसे सिकबा है ना ही शिकायत
दिल्लगी में होती है हमेशा ऐसी ही हालत
चोट खाने के बाद क्या रखा है
जो एक बार दिल तोड़ दे उससे क्या उमीद रखा है
प्यार हमेशा नहीं मिलता है
जब मिलता है तो क्यू उसे ठुकरा रखा है
उसके यादो में बेठ और इंतजार में क्या रखा है
जिंदगी बहुत लम्बी है
आगे बढ़ने से कदमो को क्यू रोके रखा है
मुझे मालूम है एक दिन छोड़ जयेगी मेरी जिंदगी
हम रोते रहेगे और वो मुस्करा कर जयेगी
हम टूट बिखर जायेगी उनकी यादो में और
वो हंसती रहेगी अपनी मोहब्बत की बाहों में
फिर भी दिल मेरा नहीं सुनता मेरी बात
उनकी यादो में रहना चाहता है मेरी ये शाम
मोत नसीब होगी मुझे उनके प्यार में मालूम है
ये बात उन्हें भी पता है ये भी मालूम है
लकिन हम फिर भी प्यार किये जिए जा रहे है
मोत आने की इंतजार में दिन गिने जा रहे है
छोड़ जिस दिन जायेगी वो मुझे
सायद वो आखरी दिन नसीब हो मुझे
खुदा से है इतनी उमीद मुझे

मोत उसी दिन आये मुझे