मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम
तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम
उनकी नजरे मिली मुझ से शरमाकर
और फिर वो लोट गई, मुझे वही छोर
राहे मेरी गुम हुई, चाहत मेरी बर्बाद
लोट आई वो मेरी गलियों में मुझे कहने,
दुर रहो मुझसे मेरा कोई और है सजन
मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम
तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम
उन्हें देखना, उनके लिये पागल होना
उनके राहे तकना कम है क्या ..?
प्यार में मिशाल बनाना कम है क्या ..?
चाहत मेरी अधूरी रही उनके इंतजार में
कोई और ले गया उन्हें मेरे बहार से
मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम
तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम
प्यार उनसे की,और चाहत भी
आखें उनसे मिली और दिल भी
तोड़ मेरी सारे कसमों को दूर गई वो
छोर मुझे किसी और की हो गई वो
आज भी है मोहब्बत उनसे हमें
हम बेठे है उनकी इंतजार में घरिया गिन रहे
मोहब्बत की राहों पे लुट तो गये हम सनम
तेरी कदमो पर बिछ तो गये हम सनम
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